एक ही मंडप में मां बेटी के सात फेरे की अनोखी कहानी

भारतीय समाज की रूढिवादी परम्पराओं और कई तरह के अंधविश्वासों को लेकर खबरें सामने आती रहती हैं। लेकिन भारतीय समाज ने हमेशा दुनिया को अपने उदारवादी तौर तरीकों से भी चौंकाया है। ऐसी घटना गोरखपुर में देखने को मिली जब पिछड़े गांव से जुड़ी मां बेटी ने एक साथ एक ही मंडप के नीचे एक साथ दांपत्य जीवन में बंधने के लिए सात फेरे लिए।

गौरतलब है  कि गोरखपुर के पिपरौली ब्लॉक स्थि कुरमौल गांव के निवासी बेइली के पति की मृत्यु कई वर्ष पहले हो गई थी। बेइली ने विधवा होने के बावजूद अपनी बेटी की परवरिश की और  मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बेटी इंदू की शादी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसी बीच परिवार वालों के प्रोत्साहन पर  बेइली ने अपनी बेटी के साथ अपनी भी शादी का पंजीकरण करवाया था।  बेइली की उसके ही देवर जगदीश (55) और बेटी इंदू की शादी पाली निवासी राहुल के साथ हुई।

इस आयोजन में दोनों ही जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लिए और दांपत्य जीवन की शुरुआत की। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि एक ही मंडप में मां-बेटी दोनों का विवाह पहली बार देखने को मिला है। यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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