नवनियुक्त सीआईसी, वाई.के. सिन्हा की केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर हुई बात

भारत के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त, यशवर्धन कुमार सिन्हा ने रविवार को केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और राज्यमंत्री प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक,लोक शिकायत, पेंशन, आण्विक ऊर्जा एवं अंतरिक्ष डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनो के बीच सूचना के अधाकर कानून से जुड़ी जनता की शिकायतों और अपेक्षाओं को लेकर अहम बातचीत हुई। जम्मू कश्मीर में ज्लद से जल्द आरटीआई के राज्य कार्यालय के संचालन को लेकर ढाचागत विकास और जरूरी कवायद भी शामिल है।

केन्द्रीय मंत्री के साथ आधे घंटे की इस मुलाकात के दौरान, नए मुख्य सूचना आयुक्त ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) से संबंधित आवेदनों के निपटान दर में लगातार होते सुधार के बारे में जानकारी दी और यह भी बताया कि जून के महीने में, कोविड महामारी के बावजूद, आरटीआई के आवेदनों की मासिक निपटान दर पिछले साल यानी 2019 के जून महीने की दर की तुलना में अधिक रही। उन्होंने कहा कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि केन्द्रीय सूचना आयोग ने कोविड काल के दौरान भी अपने कामकाज को ऑनलाइन, वर्चुअल और वीडियो कॉन्फ्रेंस की आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए से जारी रखा।

सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर केन्द्रशासित प्रदेश को इस साल की शुरुआत में केन्द्रीय सूचना आयोग के दायरे में लाये जाने के बाद से वहां से आरटीआई आवेदनों के निपटान की स्थिति के बारे में भी डॉ. जितेन्द्र सिंह को जानकारी दी। उन्होंने सरकार से मिले निरंतर सहयोग और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा समन्वय के लिए केन्द्रीय मंत्री को धन्यवाद दिया।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय सूचना आयोग के कामकाज में सुधार लाने और आरटीआई अपीलों के शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उठाई गई विभिन्न नई पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जहां तक जम्मू एवं कश्मीर का सवाल है,  अब अंतर यह है कि जम्मू एवं कश्मीर के गैर - निवासी या गैर-राज्य के लोग भी केन्द्र शासित प्रदेश से जुड़े मुद्दों या एजेंसियों के बारे में आरटीआई दाखिल करने के हकदार हैं।

केन्द्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी सरकार के दौरान दिन या रात के समय कभी भी और देश के किसी भी हिस्से या विदेशों से आरटीआई आवेदनों की ई-फाइलिंग के लिए 24 घंटे की पोर्टल सेवा शुरू की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के दौरान ही केन्द्रीय सूचना आयुक्त के कार्यालय को खुद के अपने विशिष्ट कार्यालय परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस बात को दोहराया कि सरकार के कामकाज में पारदर्शिता और नागरिकों की भागीदारी के प्रति प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करने में केन्द्रीय सूचना आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। 

62 वर्षीय सिन्हा, जो सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त होने से पहले यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए थे औरजहां से उन्हें भारत के मुख्य सूचना आयुक्त के वर्तमान पद पर पदोन्नत किया गया है, जम्मू-कश्मीर तथा असम के पूर्व राज्यपाल और पूर्व वाईस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ स्वर्गीय लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिन्हा के सुपुत्र हैं।

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