देश में करोड़ों बुजुर्ग पेंशनर्स अब डाकिये के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करेंगे।

बदलती तकनिकी और देश की चुनौतियों के सामाधान में डाक विभाग के साथ ही कई सरकारी विभाग कदमताल करते नजर आ रहे हैं। नौकरी से सेवानिवृत्ति या सरकार की किसी भी योजना के तहत पेंशन पाने वालों को सरकार ने बड़ी रहात दी है। यह राहत हर साल जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करने के लिए प्रत्यक्ष या डिजिटल हाजिरी अब डाक विभाग के पोस्टमैन के सामने होगी। दरअसल डाक विभाग ने मोबाइल युग में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेन्ट बैंक की शुरूआत करके अपने बेहतर नेटवर्क और ग्रामिण भारत की जरूरतों से जुड़ने का काम किया था। इसी का फायदा सरकार ने पेंशनर्स को बड़ी राहत देने में किया है। नई व्यवस्था के तहत डाकिया पेंशनर्स के घर पर ही ना केवल उनकी बायोमिट्रीक हाजिरी लगा देगा, बल्कि उनकी हालिया तस्वीर के साथ ही उनके खातों से इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के खाते से सुरक्षित लेनदेन करने में भी मददगार साबित होगा।   

डाक विभाग और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक (आईपीपीबी) ने पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) की पहल ‘डाकिये के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) जमा करने के लिए डोरस्टेप सर्विस’ की सफलतापूर्वक शुरुआत की। ऑनलाइन माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा के लिए जीवन प्रमाण पोर्टल की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर, 2014 में की थी। इसका मकसद पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए एक सुविधाजनक और पारदर्शी सुविधा उपलब्ध कराना था।

केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की कवायद डीओपीपीडब्ल्यू बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए प्रणाली को सहज और अधिक से अधिक सुविधाजनक बनाने की रही है। इसी का नतीजा इस कामन के लिए साल दर साल प्रौद्योगिकी का बढ़ता उपयोग है।   

इस सुविधा को पूरे देश में उपलब्ध कराने के लिए डीओपीपीडब्ल्यू इंडिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक (आईपीपीबी) के साथ मिलकर और इसके डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों के विस्तृत नेटवर्क का उपयोग करके पेंशनभोगियों को डिजिटल रूप में जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए डोरस्टेप सुविधा प्रदान कर रहा है।    

आईपीपीबी ने अपने बैंक सॉफ्टवेयर को अनुकूल बनाया है। इसके अलावा पेंशनभोगियों को डीएलसी सेवाएं डोरस्टेप पर प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के जीवन प्रमाण सॉफ्टवेयर के साथ सामंजस्य स्थापित किया है। यह सुविधा अन्य सुविधाओं जैसे घर में बैठे हुए ही बैंक खाते से धन की निकासी आदि के अतिरिक्त है। आईपीपीबी डोरस्टेप बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराने के लिए अपने राष्ट्रीय नेटवर्क का उपयोग कर रहा है। इसमें पोस्ट ऑफिस के 1,36,000 से अधिक एक्सेस प्वाइंट्स और स्मार्ट फोन एवं बायोमैट्रिक उपकरणों से युक्त 1,89,000 डाकिये एवं ग्रामीण डाक सेवक हैं। इसके परिणामस्वरूप पूरे देश में बड़ी संख्या में पेंशनभोगी बिना बैंक शाखा गए या बैंक शाखाओं के बाहर पंक्ति में खड़े हुए बिना डाकिये/ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से डोरस्टेप सर्विस का लाभ उठा सकेंगे।

आईपीपीबी के माध्यम से ‘डीएलसी जमा करने के लिए डोरस्टेप सर्विस’ का लाभ लेने के लिए पेंशनभोगी ippbonline.com पर विस्तृत जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह एक शुल्कसहित सेवा है और यह देशभर में केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए उनके पेंशन खाते विभिन्न बैंक में होने के बावजूद उनके लिए उपलब्ध होगी। आईपीपीबी के माध्यम से ‘डीएलसी की डोरस्टेप सर्विस’ का लाभ उठाने की प्रक्रिया को @Youtube(Pension DOPPW) और पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के फेसबुक पेज पर देखा जा सकता है। कोविड-19 महामारी को देखते हुए पेंशनभोगियों के लिए घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के संबंध में यह सेवा एक बड़ी राहत है।

Doorstep Service for submission of Digital Life Certificate.

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